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जहरीला शराब से होता मौत का तांणव

जवाब राज्य सरकार को अपनी जनता को देना होगा आखिर क्यो हो रहा है मौत का ऐसा खेंल। जिसने कई बच्चों को अनाथ, पत्नियों की मांग का सिंदूर और मां की गोद सूनी कर दी। आखिरकार अहमदाबाद की झुग्गी बस्तीयों में बनने वाली नकली शराब ने अपना जहरीला रूप दिखा ही दिया। सोमवार से अब तक जहरीली शराब से मरनें वालो की संख्या 104 हो गयी है फिर भी राज्य सरकार का अभी तक कोई कडा रूख सामने नही आया है। केन्द्र सरकार तो चुप है क्योकि वो जनता को नही वोटरों से हमदर्दी जतायेगें। देश में ये एक भयकंर त्रास्दी आयी हुई है और सभी तमाशा देखने में लगे है। अगर इसी तरह सरकार हो रहे मौत के खेल को नही रोक पायी तो इसमें शंका नही जब पडोसी देश के जैसे हमारे हालात हो। अभी तक जहां जहां जहरीली शराब से मौत हुई है वहां अधिकतर महिलाओं ने र्मोचा संभाला और इसके खिलाफ प्रर्दशन किया है। जिससे एक बार फिर प्रदेश में विपक्षी पार्टी के साथ पूरा राज्य प्रर्दशन कर रहा है। लेकिन ऐसे मामले में किसी को कुछ मिला है तो वो है मीडिया। जिसको सुर्खिया दिखाने का मौका मिला है। इससे पहले आन्ध्र प्रदेश, हरियाणा , पंजाब और उत्तराखण्ड में तो पूरा गांव ही जहरीली शराब का शिकार हो गया था। तब से लेकर किसी भी राजनीतिक पार्टी ने शराब के खिलाफ आवाज नही उठायी क्योकि सबसे ज्यादा सरकार को टैक्स मद पदार्थो से ही मिलता है। तभी उसका नतीजा आज एक बार फिर सामने है। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद ,गांधी के राज्य में आज मौत का सिलसिला नही थम रहा है। ये एक ऐसा कारण है जब मानव किसी वस्तु का शौकिन होता है और वो शौक लत का रूप ले लेती है तो उसके लिए अच्छा बुरा कुछ नही होता है न ही उसे परिवार का ख्याल रहता है न जिन्दगी का। और यह बुरा नतीजा मौत का रूप ले लेती है।

पोर्टल निर्माता Anurag Shukla
अंतिम बार संशोधित 11 जुलाई, 2009 1:08:46 PM IST